सात साल के उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार हम आ गए। पाई के साथ बिताए वे दिन और रातें मेरे दिल में एक मूक फिल्म की तरह घूम रहे हैं। जिस क्षण संख्याएं बढ़ती हैं, आशा और लंबा इंतजार होता है। एक समय की बात है, हम फसल की परवाह किए बिना चुपचाप काम करते थे; अब पीछे मुड़कर देखें तो हर कदम मायने रखता है और हर दिल की धड़कन उसके साथ गूंजती है। पाई कोई कोल्ड कोड नहीं है, बल्कि समय के साथ जमा हुई एक कहानी है, हमारे द्वारा मिलकर लिखी गई एक किंवदंती है। इस सहयोग के लिए धन्यवाद, सामान्य दिनों में असाधारण उम्मीदें होती हैं। सात साल की दृढ़ता के बाद आखिरकार रोशनी चमकी।